भारत ने जिंबॉब्वे को 3-0 से सुपड़ा साफ किया, श्रेयश अय्यर ने युवा सितारों के साथ जीती पहली सीरीज
भारत ने हरारे में खेले गए तीसरे और आखिरी T20 मुकाबले में जिंबॉब्वे को 35 रन से हराकर सीरीज 3-0 से अपने नाम कर लिया। भारतीय टीम ने इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे की दुखद हार को पीछे छोड़ते हुए दमदार वापसी की। इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू करने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी इस मैच के सबसे बड़े हीरो रहे। वैभव सूर्यवंशी ने 49 गेंदों में 81 रन की तूफानी पारी खेली जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल थे जिससे टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
भारत की पारी – 192/5 (20) ओवर
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही , एक बार फिर अभिषेकl शर्मा का फ्लॉप बल्लेबाजी देखने को मिली। अभिषेक शर्मा सिर्फ 2 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए मैदान के चारों तरह शॉट लगाए। वैभव ने अपनी पारी में केवल 49 गेंदों में 81 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल थे। ईशान किशन ने 29, कप्तान श्रेयश अय्यर 27 और रिंकू सिंह के 25 रन की उपयोगी पारी ने भारत का स्कोर 20 ओवर में 192/5 तक पहुंचाया।
जिंबॉब्वे की पारी – 157/7 (20) ओवर
193 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिंबॉब्वे की टीम शुरुआत से दबाव में नज़र आई। मयंक यादव की पहली गेंद पर ब्रायन बेनेट बिना खाता खोले पविलियन लौट गए। एक बार फिर भारतीय तेज गेंदबाजों के आक्रमण के आगे जिंबॉब्वे कीपूर टीम बिखर गई। भारतीय गेंदबाजों के लगातार झटकों से जिंबॉब्वे की टीम बाहर नहीं निकल सकी । हालांकि रयान बर्ल ने 54 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे उन्हें सहयोग नहीं मिला। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालकर मेजबान टीम को 20 ओवर में 157/7 पर रोक दिया। भारत के प्रमुख गेंदबाज मयंक यादव 29 रन देकर सबसे ज्यादा 3 विकेट हसिल किए। वही यश ठाकुर ने थोड़े महंगे साबित होते हुए चार ओवर में 45 रन देकर दो विकेट हासिल किए।
प्लेयर ऑफ द मैच और सीरीज का पुरस्कार
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को उनकी विस्फोटक 81 रन की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पूरे दौरे में शानदार प्रदर्शन का इनाम भी उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार के रूप में मिला। महज 15 वर्ष की उम्र में वैभव की यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास मानी जा रही है।
निष्कर्ष
भारत ने इस पूरे सीरीज में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में जबरदस्त प्रदर्शन किया। सबसे बड़ी सकारात्मक बात युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास देखने को मिला। वैभव सूर्यवंशी, मयंक यादव और अन्य युवा खिलाड़ियों ने संकेत दे दिया है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य मजबूत हाथों में होगा।

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