अजिंक्य रहाणे Retirement: ऑस्ट्रेलिया फतह के हीरो ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा, भावुक होकर किया संन्यास का ऐलान
अजिंक्य रहाणे ने अंतरास्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, भारतीय क्रिकेट के एक शांत योद्धा के अंतरास्ट्रीय क्रिकेट कैरियर पर लग गया विराम
भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद और संयमित बल्लेबाजों में शुमार किए जाने वाले अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया दी। रहाणे के इस फैसले ने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को भावुक कर दिया। लगभग तीन वर्षों से अधिक समय तक भारतीय टीम में वापसी की कोशिश करने के बाद आखिरकार रहाणे ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर पर पूर्ण विराम लगा दिया।
अजिंक्य रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि हर शुरुआत का एक अंत होता है और उन्हें लगता है कि आगे बढ़ने का यही सही समय है। उन्होंने अपने पूरे करियर में देश और टीम को हमेशा खुद से ऊपर रखने की बात भी कही। अजिंक्य रहाणे का क्रिकेट कैरियर काफी उतार चढ़ाव भरा रहा।
अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर
टेस्ट मैच – 85
टेस्ट रन – 5077
टेस्ट औसत – 38.46
टेस्ट शतक – 12
वनडे (ODI) में अजिंक्य रहाणे का प्रदर्शन
मैच:
पारियां: 87
रन: 2,962
औसत: 35.26
स्ट्राइक रेट: 78.64
सर्वाधिक स्कोर: 111
शतक: 3
अर्धशतक: 24
चौके: 293
छक्के: 33
टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) में रहाणे का प्रदर्शन
मैच: 20
पारियां: 20
रन: 375
औसत: 20.83
स्ट्राइक रेट: 113.30
सर्वाधिक स्कोर: 61
शतक: 0
अर्धशतक: 1
चौके: 32
छक्के: 6
आखिरी टेस्ट – जुलाई 2023
आखिरी वनडे – 2018
2020-21 ऑस्ट्रेलिया दौरा: जिसने रहाणे को अमर बना दिया
अगर भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार विदेशी दौरों की बात की जाए , तो 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा हमेशा सबसे ऊपर रहेगा।
एडिलेड टेस्ट में भारत सिर्फ 36 रन पर ऑलआउट हो गया था। विराट कोहली पितृत्व अवकाश पर लौट चुके थे। पूरी दुनिया को लगा कि भारत सीरीज़ हार जाएगा, क्योंकि भारत की ये शर्मनाक प्रदर्शन था।
लेकिन यहीं से अजिंक्य रहाणे ने कप्तान के रूप में भारतीय टीम की जिम्मेदारी संभाली।
मेलबर्न टेस्ट में रहाणे ने शानदार शतक ही नहीं लगाया बल्कि भारत को जीत दिलाई। इसके बाद सिडनी में भारतीय टीम ने संघर्ष किया और फिर गाबा में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर 2-1 से सीरीज़ अपने नाम कर इतिहास रच दिया। यह जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास की सबसे महान उपलब्धियों में गिनी जाती है।
कप्तान के रूप में शानदार रिकॉर्ड
अजिंक्य रहाणे ने भारत की कप्तानी में कुल 6 टेस्ट मैच खेले।
4 मैच जीते
2 मैच ड्रॉ
एक भी टेस्ट नहीं हारे
रहाणे ने बतौर टेस्ट कप्तान यह रिकॉर्ड बताता है कि दबाव की परिस्थितियों में भी रहाणे कितने शांत और प्रभावी नेता थे और टीम को संतुलित तरीके से लेकर जितना सिखाया
रहाणे की बल्लेबाजी की खासियत
अजिंक्य रहाणे की बल्लेबाजी की बात की जाए तो उन्हें हमेशा विदेशी पिचें रास आती थी। रहाणे की बल्लेबाजी हमेशा तकनीक, धैर्य और अनुशासन पर आधारित रही। विदेशी पिचों पर उनका प्रदर्शन अक्सर शानदार रहा। तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकतों में से एक थी। संकट के घड़ी में टीम के लिए संकटमोचक पारियां खेलना।
टीम से बाहर होने के बाद भी नहीं छोड़ी उम्मीद
जुलाई 2023 के बाद उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में मौका नहीं मिला लेकिन रहाणे ने उम्मीद नहीं छोड़ी और घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उनकी वापसी न टेस्ट टीम में और न ही वनडे टीम में हो सकी। आखिरकार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहना ही सही समझा।
क्या IPL भी छोड़ेंगे?
अजिंक्य रहाणे ने अंतरास्ट्रीय क्रिकेट को केवल अलविदा कहा है नहीं। रहाणे अभी घरेलू क्रिकेट और IPL IPL या अन्य फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा नहीं की है। इसलिए फैंस उन्हें आगे भी T20 लीग में खेलते देख सकते हैं। 2026 के IPL में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था।
भारतीय क्रिकेट को क्या खोना पड़ा?
भारतीय टीम से बाहर चल रहे रहाणे केवल एक बल्लेबाज नहीं थे, बल्कि हमेशा मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालने वाले खिलाड़ी थे, एक संकटमोचक बल्लेबाज थे ।जब भी भारत संकट में होता था, तो रहाणे का शांत स्वभाव और जिम्मेदारी भारी पारी भारत के लिए उपयोगी साबित होती थी।यही वजह है कि उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में गिना जाएगा।
निष्कर्ष
अजिंक्य रहाणे का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा। अजिंक्य रहाणे ने ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज़ जीत, शानदार कप्तानी और विदेशी पिचों पर बेहतरीन बल्लेबाजी ने उन्हें एक खास पहचान दिलाई। अजिंक्य रहाणे हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में रहेंगे।
आपके अनुसार अजिंक्य रहाणे की सबसे यादगार पारी कौन-सी है? क्या उन्हें भारतीय टीम में एक और मौका मिलना चाहिए था? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।









टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें